मुझे ज़िन्दगी को कुछ यूँ निभाना पड़ गया

मुझे ज़िन्दगी को कुछ यूँ निभाना पड़ गया।
वो  जीते रहे जिन्हें, मैंने दीवाना कर दिया।
कुछ यूँ  झुलस गए वो जुगनुओं को छूकर।
अब आँसुओं ने भी उन्हें रवाना कर दिया।

यह जरूरी नहीं की किसे, कौन देखता  हूँ।
जिसे  मैं  देखता हूँ, क्या वो मुझे देखता  है।
अगर  बेपर्दा  हो  जाए कोई यूँ ही रास्तों में।
फिर  मैं  देखता  हूँ, कौन  नहीं  देखता  है।

तू हक़ीक़त मेरी, मैू फ़साना हूँ तेरा।
तू  मुसीबत मेरी, मै निशाना हूँ तेरा।
तू  कहानी  मेरी,  मै जमाना हूँ तेरा।
तू  दीवानी मेरी, मै दीवाना  हूँ तेरा।

हम  हथेलियों  में लेकर जान लुटाते हैं।
वो  घरों  में रहकर आसमान उठाते हैं।
बड़े  बेशर्म होते हैं पल्लू  पकड़ने वाले।
वक़्त-बे-वक़्त  बस  सामान  उठातें हैं।

काश  की   हर  इक  बात, वो  असर  दिखा जाए।
समंदर  से  कह  दे  कोई,  की  शहर  दिखा जाए।
इक हम ही नहीं तरसते उनके दीदार-ए-हूश्न को।
ऐ   ख़ुदा   कोई   मुझे   उसका   घर   दिखा  जाए।

दिलों  से  दिलों  की बात, इक  सौगात होती है।
दो दिलों की मुलाकात भी, इक सौगात होती है।
जज्बातों  का जुबां तक आना, आसां नहीं होता।
निगाहों  का बह जाना भी कभी-कभी बरसात होती है।

बेहद  बोलते  हैं  वो, जिन्हें  बोलना नहीं  आता।
बेख़ौफ़  दौड़ते  हैं वो, जिन्हें  चलना नहीं आता।
अनाड़ी   कहें  या  लड़कपन, ये  बता  दे  कोई।
पैमाना  छलकाते हैं वो, जिन्हें पीना  नहीं आता।

इस शहर में ही नहीं, उस शहर में भी उनके माकन हैं।
ये  दिलों  को  घायल करने के, उनके साजो-सामान हैं।
कहाँ बचा सका है कोई इनके शिकार होने से खुद को।
कभी  तलाश  कर  देखो, हर दिलों में इनके निशान हैं।

हर कहीं वो दिखाई देता है, पर भगवन कैसे कहूँ।
मिठाई सा दिखाई देता है, पर पकवान कैसे कहूँ।
कुत्तों  संग  भटकते  देखा  हूँ  हर  कहीं ,मैंने उसे।
बता    दे    कोई   मुझे   उसे   इंसान   कैसे   कहूँ।

रस्ते   मंज़िल   नहीं   बताते,
जुगनुएं  रस्ते  नहीं  दिखाते।
तारों  से  अंधेरा नहीं छंटता,
आप  दीये  क्यूँ  नहीं  जलते।

अब  लपेट कर  रख  लो मुझे अपनी पनाहों में,
बहुत  तकलीफ  होती  है, कहीं आने जाने में।
तमाम  मर्ज़हीन  अभी  भी  बैठें  हैं  इबादत में,
काश  समेट  ले  कोई  मुझे अपनी, पनाहों में।

क्या  कहूँ उनके निगाहों की कटार का,
कंधे पर सर रखकर उनके ऐतबार का।
घायल कर दिया कम्बख्त ने इस क़दर,
बनाकर रख दिया मुझे इंसा बेकार का।

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