अभी  मेरे  इश्क़ में, और इम्तहान बाकि है। अभी  मुझमें, और थोड़ी सी, जान बाकि है। क्या कहते हो, कि डूब गया हूँ मैं, पश्चिम में। अभी तो पूरब का, सारा आसमान बाकि है। कल निकलूंगा, कहीं और, मैं भोर बनकर। अभी  मेरे,  कुछ  और,  अरमान  बाकि  है। क्यों  कहतेRead More →

नाम  नहीं, मुझे कुछ, मुकाम बनाने है, मुझे इस जमीं को, आसमान बनाने हैं। बदल    सकूँ    मैं,   सूरतें    तमाम  वो, जिन्हें     मुझे,  खाश  से आम बनाने हैं। दबा के रखा था, जिसे सदियों से सिने में, उसे   फिर    से,    पैगाम  Read More →

फिर कहीं, अदब से हाँथ उठीं, ज़माने की तरफ, हर   शख्स   चल   पड़ा,  अनजानों   की   तरफ। अचानक  राहें  बोल उठीं, कोई ठहरा  है  शायद, तभी सारी  निगाहें मुड़ीं,  मेरी  निग़ाहों की तरफ। कुछ यूँ बदल गए वो, जिन्हें मैंने बदलना सिखाया, गिरते  रहें  वो  सभी,Read More →

मैं मंज़िल हूँ… किसी की ज़िद हूँ मैं किसी की ख्वाहिस। किसी से दूर हूँ मैं किसी के पास। मैं मंज़िल हूँ… किसी की जूनून हूँ मैं किसी की तलाश। किसी की जुनून हूँ मैं कहीं बस एहसास। मैं मंज़िल हूँ… किसी की तड़प हूँ में किसी की पुकार। किसीRead More →

देखता हूँ इस वसुंधरा की प्यास मिटाने कौन आता है। देखता हूँ इस वसुंधरा पर शीश चढ़ाने कौन आता है। जिस मिट्टी की तन को लेकर उस मिट्टी को भूल गए तुम, जिस मिट्टी सा मन को लेकर उस मिट्टी को भूल गए तुम, देखता हूँ उस मिट्टी की कर्ज़Read More →